महत्वपूर्ण सूचना :



यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!

Industrial property registration services may be affected due to scheduled maintenance of Nivesh Mitra 2.0 from Friday, 1st May 2026 (07:00 PM) to Tuesday, 5th May 2026 (08:00 PM).

Stamp And Registration Department,Uttar Pradesh

Stamp And Registration Department,Uttar Pradesh

Stamp And Registration Department,Uttar Pradesh
  • हमारे बारे में
    • परिचय
    • विभाग के उद्देश्य
    • विभाग का संरचनात्मक ढांचा
    • विभाग द्वारा जनसामान्य को प्रदत्त सुविधायें
    • जनता के मार्ग-दर्शन हेतु सूचनायें
    • सिटिज़न चार्टर
  • अधिनियम
    • रजिस्ट्रेशन अधिनियम,1908 (हिन्दी)
    • रजिस्ट्रेशन अधिनियम,1908 (अंग्रेज़ी)
    • भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 (हिन्दी)
    • भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 (अंग्रेज़ी)
    • हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 (हिन्दी)
    • हिन्दू विवाह अधिनियम 1955(अंग्रेज़ी)
    • न्यायालय शुल्क अधिनियम 1870
  • नियम
    • उत्तर प्रदेश स्टाम्प नियमावली, 1942(हिन्दी)
    • उत्तर प्रदेश स्टाम्प नियमवाली,1942(अंग्रेज़ी)
    • रजिस्ट्रेशन मैनुअल उत्तर प्रदेश (हिन्दी)
    • रजिस्ट्रेशन मैनुअल उत्तर प्रदेश (अंग्रेज़ी)
    • उत्तर प्रदेश स्टाम्प (सम्पति का मूल्यांकन) नियमवाली,1997(हिन्दी)
    • रजिस्ट्रीकरण फीस सारणी(हिन्दी)
    • रजिस्ट्रीकरण फीस सारणी(अंग्रेज़ी)
    • ई-स्टाम्पिंग नियमावली 2013
    • हिन्दू विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1973
    • उत्तर प्रदेश ई-कोर्ट फीस नियमावली, 2016(हिन्दी)
    • उत्तर प्रदेश ई-कोर्ट फीस नियमावली,2016(अंग्रेज़ी)
    • उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली-2017
    • उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999
    • उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली 1991
    • मृतक आश्रित का नियोजन
    • समूह “घ” कर्मचारी सेवा नियमावली,1985
    • परिवीक्षा नियमावली 2013
    • परिवीक्षा नियमावली 2016
    • उत्तर प्रदेश सरकारी (चिकित्सा परिचर्या) प्रथम संशोधन नियमावली 2014
    • उत्तर प्रदेश सरकारी (चिकित्सा परिचर्या) द्वितीय संशोधन नियमावली 2014
    • आशुलिपिक नियमावली
    • लिपिक नियमावली
    • उत्तर प्रदेश कर्मचारी आचरण नियमावली
    • उत्तर प्रदेश स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (समूह क एवं समूह ख) सेवा नियमावली 1982
  • प्रमुख आदेश
    • पॉवर ऑफ़ एटार्नी से सम्बंधी आदेश
    • विक्रय प्रमाण पत्र सम्बंधी आदेश
    • दिव्यांगो हेतु स्टाम्प ड्यूटी में छूट
    • बंधक पत्र/समाधान योजना
    • नजूल भूमि के अन्तरण/पटटा विलेख पर स्टाम्प की छूट
    • मूल्यांकन सम्बंधी आदेश
    • मिथ्या अभिलेखों, साक्ष्यों तथा छद्मवेश में पंजीकृत विलेखों से सम्बन्धित आदेश
    • रुपये 500 के पुराने नोटों को निबंधन शुल्क के रूप मे स्वीकार करने के सम्बन्ध
    • स्टाम्पवाद
    • अधिनियमों/नियमावलियों में संशोधन एवं प्रावधानों का स्पस्टीकरण
    • निबन्धन कार्यालयों के क्रिया-कलापों/ मूल्यांकन सूची के सम्बन्ध में
    • निबन्धन उप-जिला सृजन
    • न्यायिक निर्णय
    • हिंदु विवाह एवं पंजीकरण के सम्बन्ध में
    • अधिकारियों कर्मचारियों के सेवासम्बन्धी प्रकरणों में दिशा निर्देश
    • विभागीय पदो के सृजन व वेतनमान उच्चीकृत करने के सम्बन्ध में।
    • टी0ए0सी0 के कार्य एवं दायित्व/ अधिनिर्णय/स्थल निरीक्षण
    • स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की सेवाये ई-डिस्ट्रिक्ट के पोर्टल से
    • साइबर सिक्योरिटी
  • प्रमुख स्टाम्प छूट
  • अन्य प्रमुख अधिनियम/नियमावली
    • संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882
    • राजस्व संहिता 2006(हिन्दी)
    • राजस्व संहिता 2006(अंग्रेज़ी)
    • सूचना का अधिकार अधिनियम 2005(हिन्दी)
    • सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (अंग्रेज़ी)
    • उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली 2015(हिन्दी)
  • प्रमुख जानकारी
  • मॉडल लेखपत्र
    • 101 विक्रय पत्र (आवासीय)
    • 101 विक्रय पत्र (औद्योगिक)
    • 101 विक्रय पत्र (कृषि भूमि)
    • 101 विक्रय पत्र (वाणिज्यिक)
    • 101 विक्रय पत्र(राज्य सरकार के पक्ष में)
    • 106 अन्य दान
    • 106 दान पत्र (पारिवारिक सम्बन्धियों के पक्ष में-स्टाम्प छूट)
    • 106 दान पत्र(राज्य सरकार के पक्ष में)
    • 107 (विनिमय विलेख)
    • 108 शुद्धि पत्रतित्तिमा विलेख
    • 109 पट्टा (30 वर्ष या कम अवधि का)
    • 110 पट्टा (30 वर्ष से अधिक)
    • 109/110 पट्टा(राज्य सरकार के पक्ष में)
    • 112 उप पट्टा विलेख
    • 114 विक्रय का इकरार (कब्ज़ा सहित)
    • 115 अचल संपत्ति का विक्रय अनुबंध पत्र (बिना कब्जा)
    • 122 (पूरक विलेख)
    • 125 विभाजन पत्र (सामान्य केवल सह-स्वामियों के मध्य)
    • 125-तीन पीढ़ियों के मध्य कृषिआवासीयवाणिज्यिक पैतृक अचल सम्पत्ति संपत्तियों के विभाजन पर अधिस
    • 126 व्यवस्थापन पत्र (Settlement)
    • 128 (विक्रय अनुबन्ध विलेख का निरस्तीकरण)
    • 136 (पट्टे का अभित्याग)
    • 301 वसीयतनामा
    • 303-वसीयतनामा का निरस्तीकरण
    • 402-मुख़्तारनामा (खण्डनीयअचल सम्पत्ति विक्रय के अधिकार सम्बन्धी) (अन्य व्यक्तियों के पक्ष में)
    • 402-मुख़्तारनामा (खण्डनीयअचल सम्पत्ति विक्रय के अधिकार सम्बन्धी) (चिन्हित सम्बन्धियों के पक्ष)
    • 402-मुख़्तारनामा (खण्डनीयअचल सम्पत्ति विक्रय के अधिकार नहीं)
    • 403 (मुख्तारनामा का निरस्तीकरण)
    • 405 गोदनामा
    • 601 तस्दीकशुदा मुख्तारनामा
  • मॉडल लेखपत्र [ENG]
    • 101 Sale (Agricultural Land)
    • 101 Sale (Non AgricultureResidential Land)
    • 101 Sale (Commercial)
    • 101 Sale (Industrial)
    • 106 Gift Deed (Stamp Exemption)
    • 106 Gift deed others
    • 107 Exchange Deed
    • 108 CorrectionTittima Deed
    • 109 Lease Deed (30 years or of less period)
    • 110 Lease Deed (Above 30 years)
    • 112 Sub-Lease Deed
    • 114 Agreement to sell with Possession
    • 115 Agreement to sell without Possession
    • 122 Supplementary Deed
    • 125 Partition ( Among Co-owner)
    • 126 Settlement
    • 301 Will
  • अपना कार्यालय जानें
  • मूल्यांकन सूची
  • ब्रैप डैशबोर्ड
  • सुझाव/समस्या
  • निषेधित संपत्तियाँ
  • सम्पर्क करें
  •  Main page
Insert title here

हमारे बारे में

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग

भूमिका

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार हेतु राजस्व संग्रह करने वाले प्रमुख विभागों, वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, आबकारी, मनोरंजन कर, परिवहन आदि में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। अठारहवीं सदी में लेखपत्रों के निबन्धन का कार्य शहर के काजी के द्वारा किया जाता था। वर्ष 1773 से सर्वप्रथम निबन्धन प्रणाली आरम्भ की गई। वर्ष 1864 में निबन्धन अधिनियम पारित किया गया, जिसमें कुछ लेखपत्रों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किये जाने की व्यवस्था की गई। समय-समय पर इस प्रणाली में परिवर्तन होता रहा है। मुख्य रूप से वर्ष 1908 में निबन्धन अधिनियम को संहिताबद्ध किया गया, जो आज तक प्रभावी है।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग जनता से सीधे सम्पर्क में आने वाला तथा उन्हें सेवायें प्रदान करने वाला अत्यन्त महत्वपूर्ण विभाग है। प्रत्येक वर्ष इस विभाग द्वारा लगभग तीस लाख से अधिक लेखपत्रों का पंजीयन होता है, जिसमें लगभग दो करोड़ लोग विभाग के सम्पर्क में आते है। पक्षकारों के मध्य होने वाले संव्यवहारों में निष्पादित बैनामा, दान, गोदनामा, इकरारनामा, वसीयत आदि विभिन्न प्रकार के लेखपत्रों, जिसमें विवाहों के घोषणा पत्र भी सम्मिलित है, का पंजीकरण एवं इन्हें चिरकाल तक सुरक्षित रखने का कार्य निबन्धन विभाग द्वारा किया जाता है। साथ ही इन लेखपत्रों पर देय स्टाम्प शुल्क की प्राप्ति सुनिश्चित की जाती है। निबन्धन विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व अर्जन की दृष्टि से वाणिज्य कर एवं आबकारी विभाग के पश्चात् तीसरा अत्यन्त महत्वपूर्ण विभाग है।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का उद्देश्य लेखपत्रों के पंजीकरण की ऐसी सार्वजनिक व्यवस्था की स्थापना से है, जिसमें सम्पत्तियों के अंतरण के सम्बन्ध में पक्षकारों के बीच तय होने वाले अधिकारों अथवा दायित्वों की संविदा को अधिकारिक तौर पर अंकित किया जा सके तथा आवश्यकतानुसार उन्हें सार्वजनिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जा सके। इसका उद्देश्य पक्षकारों के मध्य निष्पादित लेखपत्रों को वैधानिक महत्व प्रदान करना तथा धोखाधड़ी के कृत्यों को रोकना भी है। निबन्धन हेतु प्रस्तुत होने वाले लेखपत्रों पर स्टाम्प शुल्क का अधिरोपण करने से राज्य को महत्वपूर्ण राजस्व की प्राप्ति भी हो रही है। वर्तमान में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 तथा भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अन्तर्गत ही इस समूची व्यवस्था का प्रदेश में संचालन किया जा रहा है।

प्रदेश में प्रति वर्ष लगभग 50 लाख विलेख पंजीकरण हेतु विभिन्न उप निबन्धक कार्यालयों में प्रस्तुत होते हैं, जिसका अर्थ है कि प्रति वर्ष लगभग 02 करोड़ से अधिक व्यक्ति निबन्धन विभाग के सम्पर्क में किसी न किसी कार्यवश आते हैं। इस प्रकार स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग जनता के साथ सम्पर्क में आने वाले तथा उन्हें सेवाएँ प्रदान करने वाला एक सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। प्रदेश के समस्त 389 उप निबन्धक कार्यालय पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत हैं तथा विभाग द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित ‘प्रेरणा-3.0’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से दैनिक 20,000 से अधिक विलेखों का पंजीकरण किया जा रहा है। इस विभाग के विभिन्न कार्यालयों से तथा वहाँ कार्यरत कर्मचारियों से जनता को क्या अपेक्षाएं होनी चाहिए तथा उन्हें किस प्रकार की सेवायें प्राप्त होनी चाहिये, इसकी घोषणा करते हुए जन-जन को इससे अवगत कराने के लिए यह नागरिक चार्टर बनाया गया है।

विभाग के उद्देश्य

लेखपत्रों के निबन्धन की एक ऐसी व्यवस्था सृजित करना, जिसमें किसी विशेष सम्पत्ति के अन्तरण विषयक, पक्षकारों के बीच अधिकारों/दायित्वों की संविदा को सामान्य जनता को सुलभ एवं सार्वजनिक करना, अनन्त काल तक इनके रिकार्डों को जन सामान्य हेतु सुरक्षित रखना व इसके माध्यम से कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा सामाजिक विद्वेष को समाप्त करना। क्योंकि जहाँ भी सम्पत्ति सम्बन्धी विवाद उत्पन्न होते हैं, वहां सम्बन्धित सम्पत्ति के बैनामा, वसीयत आदि के द्वारा विवादों का तुरन्त समाधान किया जाता है। बैनामा वसीयत आदि के माध्यम से ही पक्षकारों के मध्य निष्पादित लेखपत्रों को वैधानिक महत्व प्रदान किया जाना तथा धोखाधड़ी की कार्यवाही को रोकना तथा साथ ही लेखपत्रों को निबन्धन के पश्चात् न्यायालयों में वैधानिक साक्ष्य हेतु ग्राह्य भी बनाना संभव है। स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग इस व्यवस्था को उत्तरोत्तर पारदर्शी, त्वरित, आधुनिक, सरल एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने हेतु कटिबद्ध है। ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन इस दिशा में विभाग का एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इसके अन्तर्गत न सिर्फ लेखपत्रों का ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होगा बल्कि आम जनता घर बैठे निबन्धित विलेखों के सम्बन्ध में सूचना, नकलों तथा भारमुक्त प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेेंगे।

Department Priorities

विभाग का संरचनात्मक ढांचा

Department Structural Framework
Click to zoom
पद / कार्यालय स्थान / विवरण
प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश शासन बापू भवन, लखनऊ
महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश (क) मुख्यालय — 1 सरोजिनी नायडू मार्ग, प्रयागराज
(ख) शिविर कार्यालय — विश्वास काम्प्लेक्स, विश्वास खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ
अपर महानिरीक्षक निबन्धन (क) मुख्यालय — 1 सरोजिनी नायडू मार्ग, प्रयागराज
(ख) शिविर कार्यालय — विश्वास काम्प्लेक्स, विश्वास खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ
(ग) कलेक्ट्रेट, गाजियाबाद
उप आयुक्त स्टाम्प / महानिरीक्षक निबन्धन समस्त राजस्व मण्डल एवं सीतापुर एवं गौतमबुद्ध नगर वृत्त तथा एक-एक पद मुख्यालय/शिविर/विशेष कार्याधिकारी, स्टाम्प, उत्तर प्रदेश शासन
सहायक आयुक्त स्टाम्प / सहायक महानिरीक्षक निबन्धन समस्त जनपद मुख्यालय तथा मुख्यालय/शिविर कार्यालय तथा आन्तरिक तकनीकी परीक्षण प्रकोष्ठ गाजियाबाद एवं प्रयागराज
जिला निबन्धक समस्त अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) द्वारा पदेन जिला निबन्धक कार्य सम्पादित किया जाता है
उप निबन्धक समस्त तहसील मुख्यालय स्तर पर

विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं

सेवा माध्यम / विवरण
लेखपत्र / सम्पत्ति पंजीकरण पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं अपॉइंटमेंट; नियत तिथि पर उप निबन्धक कार्यालय में निबन्धन
विवाह पंजीकरण (समस्त धर्मों हेतु) ऑनलाइन आवेदन एवं प्रमाणपत्र — विभागीय पोर्टल
लेखपत्रों की सत्यापित प्रति / नकल डिजिटली हस्ताक्षरित प्रतिलिपि, QR कोड सहित — पोर्टल से ऑनलाइन (फेसलेस)
उप आयुक्त स्टाम्प / महानिरीक्षक निबन्धन समस्त राजस्व मण्डल एवं सीतापुर एवं गौतमबुद्ध नगर वृत्त तथा एक-एक पद मुख्यालय/शिविर/विशेष कार्याधिकारी, स्टाम्प, उत्तर प्रदेश शासन
भार मुक्ति प्रमाण-पत्र (Non-Encumbrance Certificate) ऑनलाइन आवेदन — डिजिटल रूप से जारी (फेसलेस)
कृषि-बन्धक लेखपत्रों का पंजीकरण पूर्णतः फेसलेस — सम्बन्धित बैंक/संस्था एवं राजस्व परिषद पंजीकरण पश्चात् ऑनलाईन वापसी
पंजीकृत लेखपत्र का प्रमाणपत्र ऑनलाइन आवेदन — डिजिटल रूप से जारी (फेसलेस)
ई-स्टाम्प सत्यापन पोर्टल पर प्रमाणपत्र-संख्या/QR कोड से तत्काल सत्यापन
सम्पत्ति/रजिस्ट्री खोज (e-Search) एवं मूल्य (सर्कल-रेट) खोज पोर्टल पर नाम, पंजीकरण संख्या, खसरा आदि के आधार पर ऑनलाइन
निषिद्ध सम्पत्ति की खोज पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध सूची
अप्रयुक्त स्टाम्प की वापसी ऑनलाइन आवेदन एवं निपटान ऑनलाइन आवेदन एवं निपटान
स्टाम्प शुल्क एवं निबन्धन शुल्क की गणना पोर्टल पर ई-कैलकुलेटर — तत्काल एवं निःशुल्क
विलेख प्रारूप (डीड टेम्पलेट) लगभग 22 प्रकार के प्रारूप पोर्टल से निःशुल्क डाउनलोड

जनता के मार्ग-दर्शन हेतु सूचनायें

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा दी जाने वाली उपरोक्त सेवाओं का लाभ उठाने के सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार के मार्ग दर्शन की आवश्यकता पड़ने पर, विभागीय वेबसाइट (igrsup.gov.in) पर उपयोगी सामग्री विस्तृत रूप में उपलब्ध करायी गयी है। वेबसाइट पर पंजीकरण के पूर्व सामान्य सावधानियां, लेखपत्र तैयार करना, लेखपत्र का मूल्यांकन एवं इस पर देय स्टाम्प शुल्क का निर्धारण, लेखपत्र पर स्टाम्प शुल्क प्रभार्य होने का समय, प्रमुख लेखपत्रों में स्टाम्प शुल्क की निर्धारित दरें, ई-स्टाम्प प्राप्त करने का स्थान तथा लेखपत्र पर देय निबन्धन शुल्क के सम्बन्ध में जन सामान्य हेतु आवश्यक सूचनायें उपलब्ध हैं।

अचल सम्पत्ति के क्रय के सम्बन्ध में क्रेता को, विक्रेता की पहचान तथा अचल सम्पत्ति के स्वामित्व के सम्बन्ध में स्वयं भली भांति जांच कर लेनी चाहिए। लेखपत्र पक्षकार स्वयं तैयार कर सकते हैं अथवा लाइसेन्स प्राप्त दस्तावेज लेखक या अधिवक्ता द्वारा तैयार कराया जा सकता है। लेखपत्र के नियमानुसार निष्पादित होने पर लेखपत्र सम्बन्धित उप निबन्धक कार्यालय में रजिस्ट्री हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है।

लेखपत्र पर निष्पादन/हस्ताक्षर के समय स्टाम्प शुल्क देय होता है। निबन्धन शुल्क लेखपत्र के उप निबन्धक कार्यालय में प्रस्तुतीकरण पर देय होता है। स्टाम्प शुल्क व निबन्धन शुल्क की दरें विभागीय वेबसाइट पर दर्शित हैं। उप निबन्धक कार्यालय में लेखपत्र के सभी पक्षकारों को दो गवाहों के साथ उपस्थित होना होता है। उप निबन्धक द्वारा गवाहों के माध्यम से पक्षकारों की पहचान के उपरान्त लेखपत्र के समस्त निष्पादनकर्ताओं से लेखपत्र के निष्पादन विषय वस्तु के सम्बन्ध में बयान लिया जाता है एवं तत्पश्चात कम्प्यूटर के माध्यम से अंगुष्ठ चिन्ह एवं फोटोग्राफ लेकर रजिस्ट्री का कार्य सम्पन्न किया जाता है।

लेखपत्र के प्रस्तुतीकरण के समय आवश्यक अभिलेख

लेखपत्र पंजीकरण हेतु आवेदन करने से पूर्व विक्रेता/प्रथम पक्ष तथा क्रेता/द्वितीय पक्ष को निम्न अभिलेख आवश्यक हैं:

1. सभी प्रकार के लेखपत्रों में:

  • फोटोयुक्त पहचान प्रमाण-पत्र (आधार कार्ड आदि) की प्रमाणित प्रति।
  • नवीनतम पासपोर्ट साईंज़ फोटोग्राफ
  • सम्पत्ति का GPS फोटोग्रॉफ

2. अचल सम्पत्ति सम्बन्धी अन्तरण विलेखों में:

क्र०सं० विलेख की प्रकृति आवश्यक अभिलेख
1 सभी प्रकार के अन्तरण रुट-चार्ट (सम्पत्ति तक पहुचने के मार्ग का अन्तरण संक्षिप्त नजरी नक्शा)
2 रुपये 10 लाख या उससे अधिक मूल्य की सम्पत्ति का अन्तरण आयकर विभाग द्वारा जारी पैन कार्ड की प्रति या फार्म-60
3 कृषि भूमि का अन्तरण क- खसरा एवं खतौनी की नकल।
ख- अन्तरित संपत्ति की 200 मीटर त्रिज्या में अवस्थित गतिविधियों के सम्बन्ध में घोषणा सहित नक्शे की प्रति।
ग- कृषि भूमि का अनुसूचित जाति/जनजाति द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति से भिन्न व्यक्ति के पक्ष में अन्तरण किये जाने की दशा में जनपद के जिलाधिकारी/सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत किया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र।
4 औद्यौगिक आस्थान में स्थापित औद्यौगिक सम्पत्ति का अन्तरण क- शासकीय संस्थाओं द्वारा औद्यौगिक आस्थान के रूप में विकसित योजनाओं की भूमि पर स्थित औद्यौगिक इकाई के अन्तरण की दशा में संबंधित शासकीय/अर्ध शासकीय संस्था/विभाग द्वारा निर्गत किया गया अनापत्ति प्रमाण-पत्र।
ख- प्लान्ट एवं मशीनरी के अन्तरण की दशा में सरकारी मान्यता प्राप्त मूल्यांकन कर्ता (Approved Valuer) का प्लान्ट एवं मशीनरी के मूल्यांकन के सम्बन्ध में निर्गत प्रमाण-पत्र।
5 नगरीय/अर्ध नगरीय/ ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सम्पत्ति का अन्तरण अंतरित सम्पत्ति का दृश्यमान फोटो।
6 नगरीय/अर्ध नगरीय / ग्रामीण भवन क्षेत्र में स्थित किसी भी प्रकार के भवन का अन्तरण भवन की फोटो एवं प्रत्येक मंजिल के निर्माण का नक्शा
7 भूतपूर्व सैनिक/विकलांग व्यक्ति के पक्ष में अन्तरण विलेख में भूतपूर्व सैनिक/विकलांगता के आधार पर स्टाम्प शुल्क की छूट की अपेक्षा रखने की दशा में भूतपूर्व सैनिक होने का नियमानुसार जारी किया गया प्रमाण-पत्र/विकलांगता की प्रकृति एवं स्तर के सम्बन्ध में नियमानुसार जारी किया गया प्रमाण-पत्र

लेखपत्र पर निष्पादन / हस्ताक्षर के समय स्टाम्प शुल्क देय होता है | निबन्धन शुल्क लेखपत्र के उप निबन्धक कार्यालय में प्रस्तुतीकरण पर देय होता है | उप निबन्धक कार्यालय में लेखपत्र के सभी पक्षकारों को दो गवाहों के साथ उपस्थित होना होता है | उप निबन्धक द्वारा गवाहों के माध्यम से पक्षकारों की पहचान के उपरान्त लेखपत्र के समस्त निष्पादन कर्ताओं से लेखपत्र की के निष्पादन विषय वास्तु के सम्बन्ध में बयान लिया जाता है एवं तत्पश्चात कंप्यूटर के माध्यम से अंगुष्ठ चिन्ह एवं फोटोग्राफ लेकर रजिस्ट्री का कार्य संपन्न किया जाता है।

समयबद्ध सेवाओं की सुनिश्चितता

विभाग द्वारा जनसामान्य को समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु कार्यालयवार प्रदान की जाने वाली सेवायें एवं सेवाओं की समयावधि निम्नवत है:-

1. सहायक आयुक्त स्टाम्प कार्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवायें एवं समयावधि

कार्य निर्धारित समयावधि
स्टाम्प पत्रों की वापसी आवेदन पत्र दिए जाने के दिनांक से 30 दिवस के अन्दर

2. उप निबन्धक कार्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवायें एवं समयावधि

क्र०सं० कार्य निर्धारित समयावधि
1 उप निबन्धक कार्यालयों में प्रस्तुत लेखपत्रों के निबंधन तथा इन्डैक्स के पश्चात लेखपत्रों की वापसी उ०प्र० जनहित गारण्टी अधिनियम 2011 के अनुसार एक दिन में। 12 बजे तक प्रस्तुत लेखपत्रों की वापसी प्रस्तुतीकरण के दिनांक को, विलम्बतम 4 बजे तक तथा 12 बजे के बाद प्रस्तुत लेखपत्रों की वापसी अगले कार्य दिवस में।
2 लादावा लेखपत्रों की वापसी लेखपत्र पंजीकरण रसीद प्रस्तुत करने के कार्य दिवस पर अपराहन 4 बजे से 5 बजे के मध्य
3 निरीक्षण — क- इंडेक्स रजिस्टर उपनिबन्धक कार्यालय को प्रार्थना पत्र एवं फीस जमा करने के बाद
निरीक्षण — ख- वसीयतनामा उपनिबन्धक को प्रार्थना पत्र, वसीयतकर्ता के मृत्यु के सम्बन्ध में शपथ पत्र/मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ फीस जमा करने के दिनांक को सायं 4 बजे तक
निरीक्षण — ग- मुख्तारनामा
निरीक्षण — ग- मुख्तारनामा उपनिबन्धक को प्रार्थना पत्र मय दावेदार/पक्षकार के शपथ पत्र के साथ फीस जमा करने के दिनांक को सायं 4 बजे तक
4 लेखपत्रों की सत्यापित प्रति/नकल — क(1) अति आवश्यक (12 बजे से पूर्व रसीद जारी) फीस जमा करने के दिनांक को ही विलम्बतम अपराह्न 4 बजे से 5 बजे के मध्य
लेखपत्रों की सत्यापित प्रति/नकल — क(2) अति आवश्यक (12 बजे के बाद रसीद जारी) अगले कार्य दिवस में विलम्बतम अपराह्न 4 बजे से 5 बजे के मध्य
लेखपत्रों की सत्यापित प्रति/नकल — ख- आवश्यक फीस जमा करने के दिनांक से तीसरे कार्य दिवस को अपराहन 4 बजे से 5 बजे के मध्य
लेखपत्रों की सत्यापित प्रति/नकल — ग- साधारण फीस जमा करने के दिनांक से सातवें कार्य दिवस को अपराहन 4 बजे से 5 बजे के मध्य
5 भार मुक्ति प्रमाण-पत्र — क(1) अति आवश्यक (12 बजे से पूर्व रसीद जारी) फीस जमा करने के दिनांक से तीसरे कार्य दिवस को अपराहन 4 बजे से 5 बजे के मध्य
भार मुक्ति प्रमाण-पत्र — क(2) अति आवश्यक (12 बजे के बाद रसीद जारी) फीस जमा करने के दिनांक से चौथे कार्य दिवस को अपराहन 4 बजे से 5 बजे के मध्य
भार मुक्ति प्रमाण-पत्र — ख- साधारण फीस जमा करने के दिनांक से सातवें कार्य दिवस को अपराहन 4 बजे से 5 बजे के मध्य
6 विवाह पंजीकरण आवेदन के पंजीकरण के एक घंटे बाद

शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था

यदि विभाग की सेवाओं तथा कार्य-कलाप के सम्बन्ध में किसी भी व्यक्ति को कोई शिकायत हो, तो उसे चाहिए कि वे सम्बन्धित कार्यालय के प्रभारी अधिकारी से सीधे सम्पर्क करें तथा अपनी समस्या बतायें। यदि उनकी समस्या का समाधान न हो, तो उसे उच्च स्तर पर विभागाध्यक्ष अथवा शासन में प्रमुख सचिव, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से शिकायत करनी चाहिए। शिकायत सीधे हाजिर होकर अथवा टेलीफोन, ई-मेल द्वारा, लिखित या मौखिक रूप से की जा सकती है। शिकायत जनसुनवाई-समाधान पोर्टल (https://jansunwai.up.nic.in/) द्वारा ऑनलाइन भी दर्ज की जा सकती है।

कोई भी शिकायत, अपना नाम व पता गोपनीय रखते हुए भी की जा सकती है। यथा सम्भव किसी भी शिकायत के सम्बन्ध में प्रमाण भी उपलब्ध कराना चाहिए। किसी भी दशा में बिचौलियों तथा मध्यस्थों से बचना चाहिए एवं उनका सहयोग प्राप्त करके कोई कार्य नहीं कराना चाहिए।

प्रमुख कार्यालयों के पते

विभागीय पोर्टल: igrsup.gov.in — ऑनलाइन सेवाएँ, अपॉइंटमेंट, ई-कैलकुलेटर, प्रारूप, अभिलेख-खोज, ई-स्टाम्प सत्यापन एवं शिकायत-प्रणाली

जन-शिकायत (ई-समाधान) https://jansunwai.up.nic.in/

प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश शासन: बापू भवन, लखनऊ

महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश: (क) मुख्यालय — 1 सरोजिनी नायडू मार्ग, प्रयागराज; (ख) शिविर कार्यालय — विश्वास काम्प्लेक्स, विश्वास खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ

जनपद स्तर: जिला निबन्धक (अपर जिलाधिकारी, वि./रा.) तथा संबंधित उप निबन्धक कार्यालय — जनपद के अनुसार।

टेलीफोन/ई-मेल: समस्त कार्यालयों के टेलीफोन एवं ई-मेल विवरण एवं अद्यतन सूचनाएँ विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

विभाग से संबंधित किसी भी सूचना हेतु नागरिक ‘‘सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005’’ के अंतर्गत की गई व्यवस्थाओं के अनुसार संबंधित कार्यालय के जन-सूचना अधिकारी को निर्धारित शुल्क सहित आवेदन-पत्र देकर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जन-सूचना अधिकारी द्वारा निर्धारित अवधि में सूचना न दिए जाने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील तथा तत्पश्चात उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील का अधिकार प्राप्त है।

1 / 6
100%

महत्वपूर्ण सूचना

यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!                         यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!                         यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!                         यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!                         यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!                         यह साईट (igrsup.gov.in) दिनांक 12 सितम्बर 2026 को 03:00pm से 08:00pm तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण अनुपलब्ध रहेगी।!!                        

नागरिक ऑनलाइन सेवाएं

सम्पत्ति पंजीकरण
  • आवेदन करें
  • औद्योगिक सम्पत्ति पंजीकरण हेतु निवेश मित्र वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करें
  • सम्पत्ति खोजें
  • सम्पत्ति विवरण
  • स्टाम्प वापसी हेतु आवेदन
  • स्टाम्प-निबन्धन शुल्क कैलकुलेटर
12 माह तक के किरायानामा विलेख की डिजिटल स्टाम्पिंग
  • 12 माह तक के किरायानामा विलेख की डिजिटल स्टाम्पिंग (FAQ)
  • किरायानामा सत्यापन
  • किराया / लीज़ विलेख — स्टाम्प-निबन्धन शुल्क कैलकुलेटर
पंजीकृत लेखपत्र का प्रमाणपत्र
  • पंजीकृत लेखपत्र प्रमाणपत्र का आवेदन
विवाह पंजीकरण
  • आवेदन करें
  • विवाह पंजीकरण सत्यापन
भारमुक्त प्रमाणपत्र /बारह साला
  • आवेदन करें
  • प्रमाण पत्र प्राप्ति/सत्यापन करें
विलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि
  • आवेदन करें
बैंक गारंटी
  • बैंक गारंटी की स्थिति

फोटो गैलरी

Previous Next

  Property Registration Dashboard  

Particulars
Details
Time limit prescribed as per the Public Service Guarantee Act
01 Day
Average time taken to obtain registered deed
01 Day
Median time taken to obtain registered deed
01 Day
Minimum time taken to obtain registered deed
01 Day
Maximum time taken to obtain registered deed
01 Day
Detailed Property Registration Data Statistics
Financial Year   2025-2026  
Total Revenue Collected
32,598.49 Cr
Financial Year   2026-2027   (Till   AUG )
Total Revenue Collected
15388.67 Cr
Current Month
Total Document Registered
0
Total Revenue Collected
0
Previous Working Day 
Total Document Registered
13440
Total Revenue Collected
697948952

विभागीय सेवाएं

विभागीय लिंक
  • विभागीय लिंक
  • अन्य विभागीय लिंक
नागरिक सुविधा अधिकार
  • नागरिक सेवायें एवं सेवाओं की समयावधि
  • हेल्प लाइन न०: 1800 180 1476 Whatsapp No. 9235930505
अन्य सेवाएं
  • शुल्क विवरण ( लेखपत्र पर देय स्टाम्प शुल्क / दाखिल-खारिज / नाम परिवर्तन / नक्शा )
  • ई-स्टाम्प क्रय करने हेतु जनपदवार प्राधिकृत संग्रह केंद्र(ACC)की सूची
  • ई-स्टाम्प सत्यापन
  • स्वमुद्रित ई-स्टाम्प (Self Printing of E-Stamp)
  • Digidoc
  • भू-नक्शा (ग्रामीण क्षेत्र की संपत्ति/भूमि)
  • जी.आई.एस. नक्शा (शहरी क्षेत्र की संपत्ति/भूमि)







अंतिम अद्यतन : गुरुवार अक्तूबर 01, 2026, 10:16:45 pm IST

© यह साइट मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स 68.0.2 (32-bit) या गूगल क्रोम 80.0.3987.122 (64-bit) का उपयोग 1600 x 900 या उच्चतर के स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन पर देखी जाती है। B

अस्वीकरण: इस वेबसाइट पर सामग्री स्टाम्प और पंजीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामित्व में है। इस वेब साइट पर डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। हालाँकि, इन्हें संबंधित अधिकारियों द्वारा अंतत: जारी किए गए दस्तावेजों के साथ सत्यापित और पूरक होना चाहिए। एनआईसी किसी भी निर्णय या दावे के लिए जिम्मेदार नहीं होगा जो प्रदर्शित आंकड़ों के आधार पर है। यह अस्वीकरण इस वेबसाइट के सभी पृष्ठों पर लागू होता है।