विभाग द्वारा जनसामान्य को प्रदत्त सुविधायें

क्र०सं० कार्य
1 उप निबन्धक कार्यालयों में जनसामान्य द्वारा प्रस्तुत लेखपत्रों का रजिस्ट्रीकरण।
2 उप निबन्धक कार्यालयों में रजिस्ट्रीकृत लेखपत्रों की इन्डैक्सिंग। इन्डैक्सिंग में उप निबन्धक कार्यालयों में लेखपत्र के पक्षकारों के नामवार एवं सम्बन्धित सम्पत्ति की क्षेत्रवार सूचियां तैयार करके इन्हें जनसामान्य के उपयोगार्थ उपलब्ध कराया जाता है।
3 लेखपत्रों की सत्यापित प्रति⁄नकल मा० न्यायालय एवं जनसामान्य को उपलब्ध कराना।
4 भार मुक्ति प्रमाण–पत्र– किसी अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में विगत वर्षो में जनसामान्य के मध्य कोई संव्यवहार यदि रजिस्ट्रीकृत कराया गया है अथवा सम्पत्ति का कोई बन्धक पत्र रजिस्ट्रीकृत कराया गया है तो सम्बन्धित प्रमाण पत्र उप निबन्धक कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
5 हिन्दू विवाह पंजीकरण– हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के प्रावधानो के अधीन उप निबन्धक कार्यालयों द्वारा हिन्दू विवाहों के पंजीकरण का कार्य किया जाता है। वर्तमान में प्रदेश के उप निबन्धक कार्यालयों में ऑन लाइन हिन्दू विवाह पंजीकरण की प्रकिया स्थापित कर दी गयी है।
6 कृषि भमि के विक्रय पत्रों अथवा दानपत्रों की सत्यापित प्रतियां उप निबन्धक कार्यालयों द्वारा सम्बन्धित तहसील के राजस्व कार्यालय को दाखिल–खारिज हेतु निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है।
7 जिला निबन्धक कार्यालयों द्वारा जनसामान्य के वसीयतनामे जमा कराये जाने पर इन्हें संरक्षित रखा जाता है।
8 बीमारी अथवा वृद्धावस्था आदि के कारण यदि कोई निष्पादक अपने लेखपत्र के प्रस्तुतीकरण हेतु अथवा लेखपत्र निष्पादन को स्वीकार करने हेतु उप निबन्धक कार्यालय जाने में असमर्थ है तो ऐसी दशा में कार्यालय द्वारा इस सम्बन्ध में प्रमाण सहित आवेदन किये जाने पर निष्पादक के निवास स्थान पर लेखपत्र के प्रस्तुतीकरण एवं निष्पादन की स्वीकारोक्ति की प्रक्रिया सम्पन्न की जाती है।