नवीन आवेदन प्रपत्र भरने हेतु उपरोक्त विकल्प का चयन करें।
भरे हुए आवेदन पत्र को देखने हेतु आवेदन संख्या एवं पासवर्ड से लॉगिन करें।
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जानकारी
आवेदन पत्र हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भरा जाना अनिवार्य है।
हिन्दी में आवेदन पत्र भरने के लिए "संरचना हिन्दी टंकण टूल", गूगल इंडिक टूल अथवा कोई भी अन्य यूनिकोड इनेबल्ड हिंदी टाइपिंग टूल को इनस्टॉल करें अथवा संलग्न हिंदी कीबोर्ड का प्रयोग करें।
पूर्ण विवरण भरने के पश्चात कृपया पूर्वावलोकन में भरे हुए पत्र को पूर्ण रूप से भली भांति जांच लें , यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि हो तो सम्बंधित विकल्प पर जाकर सही करें एवं एक बार पुनः पूर्वालोकन में पूर्ण विवरण को जांच कर पूर्ण सुरक्षित करें।
प्रपत्र को पूर्ण रूप से सुरक्षित करने के उपरान्त आवेदन पत्र संख्या एवं पासवर्ड दिया जाएगा। कृपया आवेदन पत्र संख्या एवं पासवर्ड को संभाल कर रखें।
ऑनलाइन भुगतान के लिए सम्बंधित विकल्प का चयन करें। ऑनलाइन भुगतान अभी सिर्फ नेट बैंकिंग के द्धारा ही संभव है।
भुगतान के पश्चात "भुगतान पावती" का प्रिन्ट ऑउट लें।
ई–भुगतान, किसी उप निबन्धक कार्यालय में पंजीकृत कराये जाने वाले लेखपत्र हेतु देय स्टाम्प शुल्क/निबन्धन शुल्क के भुगतान अथवा उप निबन्धक कार्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सेवाओं पर देय भुगतान के लिए ही किया जा सकता है। ऐसे लेखपत्र या संव्यवहार के लिए ई–भुगतान नहीं किया जा सकता है, जिसका उप निबन्धक कार्यालय से कोई सम्बन्ध न हो। (देखें–नियम 3, उत्तर प्रदेश ई–भुगतान के माध्यम से स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस के भुगतान की नियमावली, 2016)
ई–भुगतान आवेदन के प्रारूप में आवेदक द्वारा अपना मोबाइल नं० तथा ई–मेल पता दिया जाना अनिवार्य है।
ई–भुगतान पद्धति के अन्तर्गत केवल “नेट बैकिंग” के द्वारा तथा इस पद्धति द्वारा सृजित ई–चालान के द्वारा भुगतान किया जाना अभी अनुमन्य किया गया है।
ई–भुगतान आवेदन के प्रारूप को पूर्ण रूप से भरे जाने के उपरान्त एवं आवेदक द्वारा नेट बैकिंग अथवा ई–चालान के माध्यम से ई–भुगतान कर दिये जाने के उपरान्त आवेदक को एक ई–भुगतान रसीद संख्या प्राप्त होगी, जिसकी सूचना उसे एस०एम०एस० तथा ई–मेल के माध्यम से प्रदान की जायेगी।
उत्तर प्रदेश राज्य कोषागार में ई–भुगतान प्राप्त हो जाने के उपरान्त “ई–भुगतान रसीद” का सृजन होगा, जिसकी सूचना आवेदक को एस०एम०एस० तथा ई–मेल के माध्यम से प्रदान की जायेगी। यहां यह उल्लेखनीय है कि यदि आवेदक द्वारा भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से ई–भुगतान किया गया है तो ई–भुगतान रसीद के सृजन में एक या दो कार्य दिवस का समय लग सकता है, परन्तु यदि अन्य किसी बैंक के माध्यम से ई–भुगतान किया गया है तो ई–भुगतान रसीद के सृजन में तीन या चार कार्य दिवस का समय लग सकता है।
ई–भुगतान पद्धति के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने अथवा समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल.......................................फोन नम्बर पर सम्पर्क करें।
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